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हम सबकी घर वापसी होगी
(एक कलियुगी स्किट : इम्तियाज़ अली, राम, रावण और 84 लाख योनियाँ)
प्रेरणा: "Main Vaapas Aaunga" तथा
सहायक पाठ:https://open.substack.com/pub/akshat08/p/from-the-single-cell-back-to-the?utm_source=share&utm_medium=android&r=124980
दृश्य 1 : दिल्ली का एक फिल्म समारोह
पत्रकार ने पूछा:
"इम्तियाज़ साहब, आपकी नई फिल्म Main Vaapas Aaunga किस बारे में है?"
इम्तियाज़ अली मुस्कुराए।
"यह प्रेम, वियोग और स्मृति की कहानी है।"
उधर भीड़ में बैठे एक वनवासी मुस्कुरा रहे थे।
पत्रकार ने पूछा:
"आप कौन हैं?"
"मैं भी उसी फिल्म का पुराना किरदार हूँ।"
"नाम?"
"राम।"
दृश्य 2 : रावण की एंट्री
रावण ठहाका लगाते हुए आया।
"अरे वनवासी,
तुम लोग हजारों साल से यही कह रहे हो—
मैं वापस आऊँगा,
मैं वापस आऊँगा।
आखिर जाना कहाँ है?"
राम मुस्कुराए।
"यही तो पूरी कहानी है।"
दृश्य 3 : घर कहाँ है?
रावण बोला:
"अयोध्या?"
"नहीं।"
"वैष्णव लोक?"
"नहीं।"
"स्वर्ग?"
"नहीं।"
"फिर?"
राम ने उत्तर दिया:
"जहाँ से सब शुरू हुआ था।"
दृश्य 4 : विज्ञान की एंट्री
इतने में डार्विन साहब प्रकट हुए।
हाथ में एक चार्ट था।
उसमें लिखा था:
Single Cell
Fish
Reptile
Mammal
Human
रावण बोला:
"ये कौन बाबा हैं?"
राम बोले:
"ये आधुनिक युग के ऋषि हैं।
इन्होंने शरीर की यात्रा समझाई।"
दृश्य 5 : 84 लाख योनियाँ
रावण बोला:
"तो क्या सचमुच 84 लाख जन्म लिए?"
राम हँसे।
"मूर्ख,
हर बार नया शरीर लेना ही पुनर्जन्म नहीं होता।"
"फिर?"
"हर बार जब चेतना बदलती है,
नया जन्म होता है।"
दृश्य 6 : कलियुग का मनुष्य
राम बोले:
"बचपन में नया जन्म।
युवावस्था में नया जन्म।
नौकरी में नया जन्म।
प्रेम में नया जन्म।
विफलता में नया जन्म।
राजनीति में नया जन्म।
आध्यात्मिकता में नया जन्म।"
रावण बोला:
"तो फिर मैं?"
राम बोले:
"तू हर चुनाव में नया जन्म लेता है।"
दृश्य 7 : सबसे बड़ा रहस्य
रावण ने पूछा:
"अच्छा,
अगर सब बदलता रहता है,
तो स्थायी क्या है?"
राम ने उत्तर दिया:
"जो बदलते हुए सबको देख रहा है।"
"यानी?"
"चेतना।"
दृश्य 8 : घर वापसी
रावण अब गंभीर था।
"तो घर वापसी का मतलब धर्म परिवर्तन नहीं?"
राम हँसे।
"नहीं।"
"जाति परिवर्तन नहीं?"
"नहीं।"
"राजनीतिक दल परिवर्तन नहीं?"
"नहीं।"
"फिर?"
राम बोले:
"अहंकार से चेतना की ओर लौटना।
विभाजन से एकत्व की ओर लौटना।
भय से प्रेम की ओर लौटना।"
दृश्य 9 : अंतिम प्रश्न
रावण बोला:
"तो अंत में होगा क्या?"
राम ने आकाश की ओर देखा।
"जिस तरह अरबों वर्ष पहले जीवन एक कोशिका से शुरू हुआ था,
उसी तरह चेतना भी अंततः अपने मूल स्रोत को पहचान लेगी।"
"और तब?"
"तब ज्ञात होगा कि
यात्रा कभी कहीं गई ही नहीं थी।"
उपसंहार
इम्तियाज़ अली मंच पर खड़े थे।
पत्रकार ने पूछा:
"तो Main Vaapas Aaunga का वास्तविक अर्थ क्या है?"
पीछे से राम की आवाज़ आई—
"मैं नहीं,
हम सब वापस आएँगे।"
"राजकुमार,
वनवासी,
वैज्ञानिक,
संत,
नास्तिक,
आस्तिक,
राम,
रावण,
सब।"
"क्योंकि 84 लाख योनियों की पूरी यात्रा का अंतिम उद्देश्य कहीं और जाना नहीं,
बल्कि अपने वास्तविक घर को पहचानना है।"
अंतिम पंक्ति
"हम सबकी घर वापसी होगी।"
"किसी धर्म में नहीं, किसी दल में नहीं, किसी विचारधारा में नहीं।"
"चेतना के उस घर में, जहाँ से यात्रा शुरू हुई थी।"
"एक कोशिका से एकत्व तक।" 🙏

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